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Rich dad poor dad In Hindi (digitaldeal.org)

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Rich Dad Poor Dad हिंदी में रॉबर्ट कियोसाकी की एक प्रसिद्ध पुस्तक है, जो फाइनेंशियल एजुकेशन और धन प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण सबक सिखाती है।

संक्षिप्त विवरण:

  • लेखक: रॉबर्ट कियोसाकी
  • मुख्य विषय:
    • अमीर और गरीब की पैसे को लेकर सोच में क्या अंतर है
    • पैसे बचाने से ज्यादा उसे निवेश करना क्यों जरूरी है
    • फाइनेंशियल फ्रीडम पाने के स्मार्ट तरीके
    • एसेट्स (Assets) और लाइबिलिटीज (Liabilities) की सही समझ
    • पैसिव इनकम के जरिए अमीर बनने का रास्ता

यह ऑडियोबुक उद्यमियों, निवेशकों, छात्रों और किसी भी व्यक्ति के लिए जरूरी है, जो पैसे की समझ विकसित कर आर्थिक स्वतंत्रता (Financial Freedom) पाना चाहता है!

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रिच डैड पुअर डैड हिन्दी में: रिच डैड पुअर डैड विश्व में सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तकों में शुमार है। इसके पढ़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस किताब में 2 ऐसे पिताओं की कहानी है जिनका पैसे और इनवेस्टमेंट को लेकर अलग ही नजरिया है। Rich Dad Poor Dad is about Robert Kiyosaki and his two dads, his real father (poor dad) and the father of his best friend (rich dad) and the ways in which both men shaped his thoughts about money and investing. You don’t need to earn a high income to be rich. Rich people make money work for them. Rich Dad Poor Dad PDF Hindi (रिच डैड पुअर डैड) रिच डैड पुअर डैड पुस्तक रॉबर्ट कियोसाकी द्वारा लिखित विश्व प्रसिद्ध पुस्तक है। उन्होंने दुनिया भर लोगों की पैसों के बारे में सोच को बदला है। माता – पिता, अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, लेकिन स्कूल में कई साल गुजारने  भी वित्तीय साक्षरता नहीं दी जाती है। उन्हें सिर्फ नौकरी की सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन पैसों को अपने लिए काम करवाया नहीं सिखाया जाता है। अतः व्यापार और निवेश के गुणो को विकसित करने के लिए आपको यह पुस्तक आपको अवश्य पढ़नी चाहिए। इससे आपको बाजार की और पैसे की व्यावहारिक समझ मिलेगी, जिससे आपका आर्थिक जीवन बदल सकता है। रोबर्ट कियोसाकी को अपने बचपन में दो पिताओं की शिक्षा मिली। रोबर्ट का डैडी एक पढ़े लिखे विश्वविद्यालय के प्रोफेस्सर थे लेकिन अपनी आमदनी को सही ढंग से प्रबंधन नहीं कर पाते थे। वहीँ दूसरी तरफ रिच डैड जो कि लेखक के प्रिय मित्र माइक के पिता थे, कम पढ़े – लिखे थे, उनकी गणना हवाई राज्य के अमीरों में होती थी। इसका कारण लेखक ने रिच डैड की वित्तीय साक्षरता को दी है। अतः लेखक का कहना है कि गरीब और मध्यवर्गीय लोग पैसे के लिए काम करते हैं, जबकि अमीरों के लिए पैसा काम करता है।गरीब आदमी नौकरी की सुरक्षा, प्रमोशन और पेंशन के लिए काम करते। ज्यादा पैसा कमाने के लिए वे लोग ज्यादा मेहनत को ही प्राथमिकता देते हैं। इस प्रकार उसके अंदर असुरक्षा की भावना रहती है, जबकि अमीर काम सीखने के लिए काम करते हैं, काम सीखने के बाद पैसा अपने आप आता है। नए – नए तारीके खोजते रहते हैं। रॉबर्ट कियोसाकी का मानना रहा है कि बच्चों को विद्यालयों को वित्तीय साक्षरता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए।  उसे आज के सूचना युग के लिए तैयार करना चाहिए, न की औद्यगिक युग की तरह स्कूल जाओ, अच्छे नंबरों से पास हो और दायित्व में फर्क नहीं समझता है। यही कारण है कि वह घर को अपनी सबसे बड़ी पूँजी समझता है, जबकि वही पर उसके जेब से सबसे ज्यादा पैसा निकलता है। लेखक का मानना है कि संपत्ति वह है, जो आपके जेब से पैसा लाय न की आपके जेब से पैसा निकाले। अतः संपत्ति और दायित्व के अंतर को समझना चाहिए। लोगों को अपने जीवन में पैसिव इनकम पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें व्यापार, स्टॉक, बॉन्ड, म्यूच्यूअल फंड्स, रियल स्टेट, नोट्स, बौद्धिक सम्पदा पर स्थान देना चाहिए, जिससे आपकी जेब में पैसा आए। लेखक ने मैक्डोनाल्ड के मालिक रे क्रॉक का उदाहरण दिया है जिन्होंने M.B.A के विद्यार्थियों को अपनी वास्तव व्यवसाय हैम बर्गर बेचना नहीं, बल्कि रियल स्टेट बताया है। रे का व्यापार प्लान फ्रेंचाइजी बेचना था, जिसमें वे फ्रेंचाइजी की लोकेशन द्वारा रियल स्टेट का व्यापार करते थे। लेखक का कहना है कि लोगों को एक साल तक बिक्री की कला सीखनी चाहिए। भले ही इससे कुछ कमाई न हो, लेकिन इससे कम्यूनिकेश स्किल्स सुधार होगी। लेखक सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक दोनों बातों को सिखाया है। कुछ बुरी आदतों से बचने की सलाह दी है, जिनमें डर, सनकीपन, आलस्य, बुरी आदतें, जिद आदि है। व्यवसाय और निवेश सीखा जा सकता है, केवल नौकरी की सुरक्षा से ही ग्रसित नहीं रहना चाहिए। अपने सीखने की गुणवत्ता में भी सुधार करना चाहिए, तभी हम वित्तीय स्वाधीनता की ओर बढ़ पाएँगे। रॉबर्ट कियोसाकी ने रिच डैड पुअर डैड पुस्तक को १० अध्यायों में बाँटा है। जिनमें प्रमुख हैं अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते हैं। पैसे की समझ क्यों सिखाई जानी चाहिए। अमीर लोग पैसे का आविष्कार करते हैं। सीखने के लिए काम करें – पैसे के काम न करें। शुरुवात करना.

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